Tuesday, 4 February 2020
Thursday, 30 January 2020
sone ki kulhadi story in hindi | golden axe story moral in hindi | Chiku Toons
Edit Posted by CHIKU TOONS with No commentsसोने की कुल्हाड़ी
बहुत समय पहले की बात है रामू और भीमा नाम के दो लकड़हारे रहते थे रामू बहुत ही मेहनती और ईमानदार था वही भीमा बहुत आलसी और लालची था रामू रोज सुबह जंगल लकड़ी काटने निकल जाता और भीमा सोता है
अभी तक सो रहे हो देखो रामू भैया कब के जंगल निकल गए लकड़ी काटने
रामू तो पागल है जो सुबह सुबह निकल जाता है जंगल से पेड़ कहीं भाग तो नहीं जाएंगे सुबह-सुबह की नींद का क्या आनंद है वह मूर्ख क्या जाने
रामू सुबह-सुबह लकड़ियां काटकर बाजार में बेचने निकल जाता और शाम तक घर वापस आ जाता एक दिन वह नदी के किनारे पहुंचा तो वहां उसे एक बहुत मजबूत पेड़ दिखा
अरे वाह कितना मजबूत पेड़ है अगर आज मैं इसे काट लूं तू अच्छे पैसे कमा सकता हूं
और वह पेड़ काटने लगा पेड़ बहुत मजबूत था और काटते काटते दोपहर हो चली थी वह बहुत थक गया था
थोड़ा पानी पी लेता हूं और आराम कर लेता हूं फिर काट लूंगा इस पेड़ को
जैसे ही रामू पानी पीने के लिए नदी के किनारे झुका उसकी कुल्हाड़ी फिसल के नदी में गिर गई वह जोर जोर से रोने लगा और दुखी हो गया तभी नदी से एक जलपरी बाहर निकली और बोली
क्या हुआ तुम क्यों रो रहे हो
रामू ने जलपरी को प्रणाम किया और बोला
देवी मेरी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई मैं एक गरीब लकड़हारा हूं और वह मेरी आजीविका का आखिरी साधन है
जलपरी ने एक सोने की कुल्हाड़ी निकाली और बोली क्या या तुम्हारी कुल्हाड़ी है
नहीं देवी
फिर जलपरी ने चांदी की कुल्हाड़ी निकाली और कुछ
क्या यह तुम्हारी कुल्हाड़ी है
जी नहीं देवी
जलपरी ने रामू की कुल्हाड़ी निकाली और बोली
क्या यह तुम्हारी कुल्हाड़ी है
जी देवी यही है मेरी कुल्हाड़ी जलपरी रामू की इमानदारी से बहुत प्रसन्न हुई और उसने रामू को तीनों कुल्हाड़ी दे दी रामू कुल्हाड़ी लेकर खुशी-खुशी घर जाने लगा
अरे आज यह रामू 3-3 कुल्हाड़ी लेकर कहां से आ रहा है और वह चुपके से उसकी झोपड़ी के पास पहुंच गया
पापा यह तीन कोलाडिया कहां से मिली और रामू ने सारी बात चीकू को बताई और भीमा सब कुछ सुन रहा था अगले दिन भीमा सुबह-सुबह ही जंगल निकल गया और नदी के पास पहुंचकर अपनी कुल्हाड़ी जानबूझकर नदी में फेंक दी और दहाड़े मार कर रोने लगा
हाय मेरी कुल्हाड़ी हाय मेरी कुल्हाड़ी अब तो मैं भूखों मर जाऊंगा
तभी नदी से जल परी बाहर आई वह समझ गई थी कि भीमा ने जानबूझकर कुल्हाड़ी नदी में डाली है
क्या हुआ तुम क्यों रो रहे हो
मेरी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई है वही मेरी अजीब का का आखरी साधन है
जलपरी ने भीमा को उसकी कुल्हाड़ी दिखाई और बोली क्या यह तुम्हारी कुल्हाड़ी है
भीमा की चाल उल्टी पड़ गई थी
नहीं यह मेरी नहीं है
फिर परी ने चांदी की कुल्हाड़ी निकाली और बोली क्या यह तुम्हारी कुल्हाड़ी है
नहीं यह भी मेरी कुल्हाड़ी नहीं है
फिर जलपरी ने सोने की कुल्हाड़ी दिखाई और पूछा
क्या यह तुम्हारी कुल्हाड़ी है
हां यही है मेरी कुल्हाड़ी
तुम बहुत नीच और धूर्त हो
और वह जलपरी गायब हो गई
अब भी मत सच में दुखी हो गया और परी से कम से कम उसकी कुल्हाड़ी वापस करने की विनती करने लगा
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